च्यवनप्राश अवलेह

Chyawanprash Avaleha (च्यवनप्राश अवलेह) पारंपरिक रसायन-योग. शास्त्रीय संदर्भ हेतु educational content.

मुख्य लाभ

  • रसायन संकल्पना में वर्णित शास्त्रीय योग
  • सामान्य बल, ओज व स्थैर्य के समर्थन हेतु पारंपरागत
  • ऋतु-संधि व दिनचर्या के संदर्भ में उपयोग परंपरा में
  • सेवन-विधि व्यक्ति की प्रकृति अनुसार वैद्य परामर्श से

आयुर्वेदिक गुण

रस: योगानुसार गुण: योगानुसार (सामान्यतः स्निग्ध/उष्ण/शीत प्रभाव द्रव्यों पर निर्भर) वीर्य: योगानुसार विपाक: योगानुसार दोष प्रभाव: योगानुसार; सामान्यतः त्रिदोष-संतुलन परंपरा में वर्णित

सेवन विधि

अवलेह का सेवन पारंपरिक रूप से अल्प मात्रा में किया जाता है। मात्रा, समय और अवधि वैद्य परामर्श से रखें।

सावधानी

गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चों, वृद्धों, या दीर्घकालीन/विशेष अवस्था में सेवन से पूर्व वैद्य परामर्श उचित है। यदि कोई दवा चल रही हो तो भी सलाह लें।

उल्लेख: चरक संहिता में वर्णित