बला चूर्ण

Sida cordifolia

मुख्य लाभ

  • बल्य व बृंहण द्रव्य के रूप में वर्णित
  • वात-प्रधान दुर्बलता में सहायक माना जाता है
  • शरीर की सामान्य शक्ति व स्थैर्य को समर्थन
  • ओज-सम्बन्धी संकल्पना में उल्लेखित

आयुर्वेदिक गुण

रस: मधुर गुण: गुरु, स्निग्ध वीर्य: शीत विपाक: मधुर दोष प्रभाव: वात-पित्त शामक

सेवन विधि

पारंपरिक रूप से इस द्रव्य का चूर्ण/काढ़ा आदि रूप में सेवन किया जाता है। मात्रा, अनुपान (जैसे गुनगुना जल/दूध/मधु) और अवधि व्यक्ति की प्रकृति अनुसार वैद्य परामर्श से निश्चित करें।

सावधानी

गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चों, वृद्धों, या दीर्घकालीन/विशेष अवस्था में सेवन से पूर्व वैद्य परामर्श उचित है। यदि कोई दवा चल रही हो तो भी सलाह लें।