शतावरी जड़ चूर्ण
Shatavari Root Powder (शतावरी) का पारंपरिक आयुर्वेदिक प्रोफ़ाइल.
स्रोत देखें (Amazon) Disclosure: As an Amazon Associate, we earn from qualifying purchases.
Disclosure: As an Amazon Associate, we earn from qualifying purchases.
Asparagus racemosus
मुख्य लाभ
- रसायन एवं बृंहण गुणों के लिए परंपरागत उपयोग
- शरीर में स्निग्धता व पोषण को समर्थन
- पित्त-प्रधान प्रकृति में शीतलता हेतु सहायक
- सामान्य बल व ओज-सम्बन्धी संकल्पना में वर्णित
आयुर्वेदिक गुण
रस: मधुर, तिक्त गुण: गुरु, स्निग्ध वीर्य: शीत विपाक: मधुर दोष प्रभाव: वात-पित्त शामक; कफ बढ़ा सकता है (अधिक मात्रा में)
सेवन विधि
पारंपरिक रूप से इस द्रव्य का चूर्ण/काढ़ा आदि रूप में सेवन किया जाता है। मात्रा, अनुपान (जैसे गुनगुना जल/दूध/मधु) और अवधि व्यक्ति की प्रकृति अनुसार वैद्य परामर्श से निश्चित करें।
सावधानी
गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चों, वृद्धों, या दीर्घकालीन/विशेष अवस्था में सेवन से पूर्व वैद्य परामर्श उचित है। यदि कोई दवा चल रही हो तो भी सलाह लें।
उल्लेख: भावप्रकाश निघण्टु में वर्णित


















